Hindustanlokshakti Online magazine script powered by www.softwebtechnology.com http://hindustanlokshakti.com प्यार करो और पाना एहसाह : Hiran Vaishnav-Ahmdavad :: Hindustanlokshakti प्यार करो और पाना एहसाह by Hiran Vaishnav-Ahmdavad मन की प्यास सह प्रेम की अभिलाषा शरीर तो सिर्फ स्पर्श कर सवेदना महसूश करना ही है, प्यार करो और पाना एहसाह तुम किसी स्त्री को निर्वस्त्र कर सकते हो, नग्न नहीं। और जब तुम निर्वस्त्र कर लोगे तब स्त्री और भी....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016013447 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016013447 Mon, 12 Dec 2016 13:37:15 GMT रोगों से मुक्त रखता हैं- REIKI - HIRAN VAISHNAV :: Hindustanlokshakti रेकी (Reiki) WORKSHOP BY HIRAN VAISHNAV-AHMDAVAD 🔅स्पर्श अर्थात छुने से शरीर को ऊर्जामय और रोग मुक्त बनाने का नाम ही रेकी(Reiki) हैं|रेकी(Reiki) एक जापानी भाषा का शब्द है जो ‘रे’और ‘की’ से मिलकर बना है। रे से तात्पर्य सभी जगह विधमान ऊर्जा से हैं और की से तात्पर्य जीवन शक्ति....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016111802 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016111802 Mon, 12 Dec 2016 11:20:43 GMT बीमारियाँ वात-पित्त और कफ के कारण : HIRAN VAISHNAV :: Hindustanlokshakti आयुर्वेद.. By Hiran Vaishnav Amdavad : आयुर्वेदक्या कहता है.सबसे पहले आप हमेशा ये बात याद रखें कि शरीर मे सारी बीमारियाँ वात-पित्त और कफ के बिगड़ने से ही होती हैं ! (Part-1) अब आप पूछेंगे ये वात-पित्त और कफ क्या होता है ??? बहुत ज्यादा गहराई मे जाने की जरूरत नहीं आप....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016064859 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016064859 Thu, 17 Nov 2016 18:53:18 GMT Divine energy Reiki ... :: Hindustanlokshakti Very happy new year my dear friends Amdavad : Hiran Vaishnav This is the fact happens to me sometimes _ so i am very thankful to Divine energy Reiki ... Wish you all the Divine Love _ Light ... गुरजिएफ--पश्चिम का एक बहुत बड़ा रहस्यवादी संत इस सदी का--कहता था,....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016112310 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016112310 Wed, 2 Nov 2016 11:29:14 GMT ओशो—( आरेंज बुक ) ध्यान के प्रकार : By Hiran Vaishnav :: Hindustanlokshakti ओशो—( आरेंज बुक ) ध्यान के प्रकार : By Hiran Vaishnav ध्यान को उनके करने की विधि और उनके ध्यान लगाने वाले केंद्र के अनुसार कई भागो में बांटा गया है जो निम्नलिखित है - निराकार ध्यान : ध्यान करते समय देखने को ही लक्ष्य बनाएं। दूसरे नंबर पर सुनने को रखें। ध्यान दें, गौर करें....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016061552 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016061552 Fri, 28 Oct 2016 18:19:05 GMT ध्यान की विधियां By Hiran Vaishnav :: Hindustanlokshakti ध्यान की विधियां By Hiran Vaishnav Ahmedavad : ध्यान करने की अनेकों विधियों में एक विधि यह है कि ध्यान किसी भी विधि से किया नहीं जाता, हो जाता है। ध्यान की योग और तंत्र में हजारों विधियां बताई गई है। हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा साधु संगतों में अनेक विधि और क्रियाओं का प्रचलन....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016023711 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016023711 Thu, 27 Oct 2016 14:38:50 GMT *ओशो के स्वर्णिम सूत्र* : Hiran Vaishnav :: Hindustanlokshakti *ओशो के स्वर्णिम सूत्र* अमदावाद - Hiran Vaishnav ओशो की वाणी में से कुछ बहुमूल्य चुनना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल भी। उनकी वाणी के अथाह सागर में से कुछ भी कहीं से भी ले लें, हर वाक्य ग्रंथ की तरह है। ‘सदैव’ बता रहे हैं, उनके स्वर्णिम सूत्र, जिनको अपनाकर आप भी अपने....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016065420 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016065420 Fri, 7 Oct 2016 18:56:26 GMT अवचेतन मन की शक्ति : HIRAN VAISHNAV :: Hindustanlokshakti अवचेतन मन की शक्ति [[ Power of subconscious mind ]] : By Hiran Vaishnav-Ahemdavad यदि आप अपने जीवन में कुछ चाहते हैं और आपने मन में इसकी साकार कल्पना नहीं की है तो वह चीज आपको नहीं मिल सकती। सकारात्मक विचारों के बार-बार दोहराने से यह कल्पना सहज ही दिखाई देने लगती है। यदि आपको....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016083520 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016083520 Sun, 2 Oct 2016 20:38:57 GMT नीशीत जोशी “नीर” की विशेष रचनायें :: Hindustanlokshakti नीशीत जोशी “नीर” की विशेष रचनायें 1. फुरकत से भी हम तो, ऐसे फुरसत में है, शहर-ए-खामोशा में, ऐश-ओ-इशरत में है ! जब से देखा है मुझको, ख्वाबों में तुमने, हर रातें तब से मेरी, कुछ हरकत में है ! यादों में कब तक तुम,संभालोगे मुझको, कब तुम बोलोगे, ये सांसे बरकत में है !....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016053113 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016053113 Wed, 21 Sep 2016 17:32:56 GMT મારી નાનકડી ગુજરાતી રચનાઓ : NEHA PUROHIT :: Hindustanlokshakti મારી નાનકડી ગુજરાતી રચનાઓ : NEHA PUROHIT ભીતરે હોય એ પરખવા દે, રિક્તતા હોય તો એ ભરવા દે ! જો ને વાદળ છવાય છે આભે , કોણ તરસે, હવે વરસવા દે . હાથમાં હાથ ઝાલી ચાલીએ, હસ્તરેખાને એમ મળવા દે ! મારી ચાહત નજરથી છલકાવું, તું ય તારું હ્યદય ધબકવા દે ! જાતમાં સ્નેહ વાવે છે તો....]]> http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016084816 http://hindustanlokshakti.com/news.php?name=2016084816 Tue, 20 Sep 2016 20:51:52 GMT