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  • समय किसीका गुलाम नहीं : Hiran Vaishnav
    समय किसीका गुलाम नहीं : Hiran Vaishnav editor editor on Thursday, March 29, 2018 reviews [0]
    *समय किसी का गुलाम नहीं* Hiran Vaishnav Amdavad
    अच्छे कामों को आरम्भ करने का कोई समय नहीं होता l प्रत्येक सफल आदमी का यही आदर्श वाक्य होता हैं कि कार्य करने के लिये उठ जाओ l इस आदर्श से आज के नवयुवकों को विनाश से बचाया जा सकता हैं l हम जानते हैं कि बहुत से लोगU टालने की आदत, सुस्ती, आलस्य और लेट लतिफी के कारण इतना दु:ख पाते हैं जितना किसी और के कारण से नहीं पाते l तो आइये Time के Importance को इस कहानी के माध्यम से समझते हैं -


    कॉर्नेलियस वीडर निश्चित समय पर किसी काम के न होने को अपराध समझता था l एक बार उसने एक नवयुवक से मिलने का समय तय किया l नवयुवक ने एक पद प्राप्त करने की सहायता माँगी थी l कॉर्नेलियस ने नवयुवक से कहा कि तुम दस बजे मेरे दफ्तर में आ जाओ वहीं से मैं तुम्हें साथ ले जाकर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मिलवाकर तुम्हें क्लर्की की नौकरी दिलवा दूँगा l


    दूसरे दिन वह लड़का कॉर्नेलियस के दफ्तर पहुँचा तो दस बजकर बीस मिनिट हो चुके थे l कॉर्नेलियस महाशय उस समय अपने दफ्तर में नहीं थे, बल्कि किसी मीटिंग में भाग लेने गये हुये थे l इस प्रकार उस युवक की भेंट उस दिन कॉर्नेलियस से नहीं हुई l कुछ ही दिनों पश्चात् वह युवत कॉर्नेलियस से भेंट करने में सफल हो गया l जैसे ही वह उसके कमरे में गया उसे देखते ही कॉर्नेलियस ने पूछा l


    क्यों भाई उस दिन तुम नौकरी के लिये आने वाले थे, क्यों नहीं आये ?? महोदय ! मैं तो आया था पर आपसे भेंट नही हो सकी l क्या तुम दस बजे आते थे ? जी नहीं, मैं थोड़ा लेट था l यानि दस बजकर बीस मिनिट पर पहुँचा था l मगर मैंने तो तुम्हें दस बजे बुलाया था l हां वह तो मैं जानता हूँ, मगर बीस मिनिट से क्या फर्क पड़ता हैं ? इतने बड़े शहर में इतना लेट तो हर आदमी हो जाता हैं


    कॉर्नेलियस ने युवक से कहा - देखो नौजवान, मैंने तुम्हारे लिए ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मिलने के लिये समय लिया था l मगर तुमने अपना काम करवाने के लिये भी समय नहीं निकाला l तुम तो अनुमानत: यही सोच रहे होंगे कि मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करूँगा, क्यों मैं किसलिए तुम्हारी प्रतिक्षा करूँ ? यह काम तुम्हारा था या मेरा ?


    जब तुम अपने ही काम के लिये समय नहीं निकाल सकते हो तो कल को किसी और के काम क्या आओगे l दफ्तर का काम कैसे करोगे ? अब जाओ और आराम करो l पहले समय की पाबंदी करना सीखो फिर दूसरे काम करो l मैं समय के पाबन्द न होने वाले लोगों को पसन्द नहीं करता l अब आप ही देखिये कि समय देकर समय पर न पहुँचने का परिणाम क्या होता हैं ? यानि कि आप एक अच्छा अवसर खो देते हैं l


    शिक्षा ~
    *साथियों !! समय की पाबन्दी का पालन करने से बढ़कर कोई योग्यता नहीं l जो व्यक्ति कामकाजी हैं, व्यस्त हैं उससे बढ़कर अनिवार्य योग्यता और कोई नहीं हो सकती l जो व्यक्ति ओरों के समय बचाने का ध्यान रखता हैं, वह वास्तव में अपना ही समय बचाता हैं l और जो अपने समय का महत्व नही रखते, वे दूसरों का समय नष्ट करने में भी परहेज नहीं करते l यही कारण हैं कि जो लोग बढ़ना जानते हैं, वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने पास फटकने तक नहीं देते, जो उनके समय को नष्ट करें, न ही ऐसे लोग उसे अपना मित्र बनाते हैं l अत: हमें समय का महत्व जानना चाहियें |*
                               

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