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  • सांवरे मेरे प्राण आधार मेरी विनय सुनो इक बार : Kusum Singhania
    सांवरे मेरे प्राण आधार मेरी विनय सुनो इक बार : Kusum Singhania editor editor on Sunday, August 28, 2016 reviews [0]
    हे श्याम...!!!
    By Kusum Singhania
    सांवरे मेरे प्राण आधार
    मेरी विनय सुनो इक बार

    भटक रही हूँ जन्मों से
    अब मेरी और निहारो
    मुझ दासी पर कीनो दृष्टि
    क्या लागे हरि तिहारो
    और कोई मेरी ठौर नहीं
    तुम ही मेरे रखवार
    सांवरे ..........

    अवगुण भरी हरि मैं आई
    तेरे द्वार पुकार लगाई
    रो रो विनती करूँ नाथ अब
    सुधि लीजो मेरी कुंवर कन्हाई
    और कोई मेरी ठौर नहीं
    तुम ही मेरे रखवार
    सांवरे........

    तुम ना रखोगे अगर हरि जी
    किस द्वारे फिर जाऊँ
    कोई साधना बल नहीं मुझमेँ
    किस विधि तुम्हें रिझाऊँ
    और कोई मेरी ठौर नहीं
    तुम ही मेरे रखवार
    सांवरे..........😭😭
    Jskg.
                               

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