Wed. Sep 23rd, 2020

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  ललितकुमार बाबूभाई पटेल सिनियर सीटीजन तथा लुहारी टाईम्स के संपादक ने दादरा नगर हवेली के कलेकटर को लिखीत फरियाद कि
कलेक्टर,                                                               
विषय : पीडीए द्वारा अर्बन डेवलपमेंट बावत आपत्ति-सुझाव मीटिंग में गेटआउट करने के संबंध में।
माननीय महोदय,
      तारीख 08-09-2020 के दिन एक मीटिंग पीडीए की तरफ से अर्बन डेवलपमेंट में रोड मार्जीन तय करने और आपत्ति-सुझाव के बावत पीडीए के मेम्बर सेक्रेटरी अपूर्व शर्मा द्वारा रखी गई थी। अपूर्व शर्मा लोगों की आपत्ति-सुझाव सुनने से अधिक एक-दूसरे से बात कर रहे थे।
     जब झंडा चौक-आमली चाररास्ता तक 50-60 दुकानों-घरों को 30 मीटर राइट ऑफ-वे से नुकसान होने की बात वरिष्ठ नागरिक सह लुहारी टाइम्स के संपादक ललित पटेल कहने लगे तभी उन्हें गेट आउट कर दिया गया।
     सामान्य रीत से पब्लिक हियरिंग के वक्त आपत्तिकर्ता जो बात कहता है उसे सुना जाता है,और बाद कमेटी में चर्चा-विचारणा करने के बाद योग्य निर्णय सर्वानुमति से जमीन अधिग्रहण के अनुसार लिया जाता है।
      अपूर्व शर्मा स्वयं ही निर्णय सुनाते हैं जो जमीन अधिग्रहण कायदे के विरूद्ध है। यदि मीटिंग में आपत्ति-सुझाव के बावत लोगों को आमंत्रित करके गेटआउट करना हो और अधिकारियों मनमानी करते हों तो मीटिंग किस लिए बुलाई गई ?
      सभाखंड़ में आपत्ति/ सुझावों पर ध्यान देने के बजाय अपूर्व शर्मा ने अपनी ही बात ठोंक कर बैठाने की बात करके सीनियर सिटीजन सह संपादक का जानबूझकर अपमान किया और जबरदस्ती अपनी बात मनवाते देखकर लोगों में कौतुहल था।
      इस रावत मीटिंग में आमंत्रित करके गेटआउट करके अपूर्व शर्मा जो आरडीसी भी हैं इसलिए सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के रूप में भी उन्होंने यह अपमान करके गेटआउट तो नहीं कर सकते हैं।
     यह अपूर्व शर्मा अपनी जवाबदारी भूल कर सत्ता के मद में आकर बेहूदा अपमानजनक बर्ताव किया है जिसकी शूटिंग ( वीडियो ) भी हुई है, तो इसकी जाँच करके जुडिशियल इंक्वॉयरी या विजिलेंस जाँच करके यदि वो दोषी पाये जायें तो अनुशासनिक-दंडात्मक कार्रवाई की जाये,ऐसी मेरी मांग है।
     अपूर्व शर्मा ने पहले भी रखोली में भाजपा के पूर्व प्रमुख श्री दिग्विजय सिंह परमार को भी लोगों के बीच में धक्का मार कर अपमानित किया था। पूर्व प्रमुख, प्रदेश भाजपा प्रमुख दीपेश टंडेल के निर्देश पर बाहर जाते लोगों की मदद करने गये थे। आमतौर पर यह अधिकारी भाजपा के पदाधिकारियों को जान बूझकर अपमानित करने का ठेका लिए फिरता है,जो मोदी सरकार के लिए शर्मनाक और गंभीर बात है। ऊपर की बातों पर जांच का आदेश देकर योग्य कानूनी कार्रवाई करने की मेरी विनती है।                         लि
                                               आपका विश्वासु
                                                ललित पटेल।
                                              
 

 

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